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गलवान घाटी में मारे गए चीनी सैनिकों के आंकड़े पर उठे सवाल, चीन ने अपने ही पत्रकारों को किया अरेस्ट

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Representative Image [Instagram]
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लद्दाख स्थित गलवान घाटी में पिछले साल भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प को लेकर चीन ने हाल ही में आधिकारिक रूप से स्वीकार किया था कि इस झड़प में चार चीनी सैनिक मारे गए थे। लेकिन अब-जब कुछ पत्रकारों ने चीनी सरकार के इस दावे पर संदेह जताते हुए सवाल उठाए तो उन्हें अरेस्ट कर लिया गया है।

 

एक लीडिंग डेली की ताजा रिपोर्ट के अनुसार गलवान घाटी में हुई झड़प से जुड़ी अन्य रिपोर्ट्स के मुकाबले आधिकारिक रूप से मरने वाले सैनिकों की संख्या चार बताए जाने पर पत्रकारों ने संदेह प्रकट किया था। जिसके बाद चीनी प्रशासन ने अपने देश के तीन पत्रकारों को गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। इन पत्रकारों पर सैनिकों की शहादत को अपमानित करने का आरोप लगा है।

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रिपोर्ट के अनुसार चीनी सरकार के आंकड़ों पर टिप्पणी करने वाले किउ जिमिंग का नाम भी गिरफ्तार होने वाले पत्रकारों में शामिल है। किउ ने आंकड़े जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी। किउ जिमिंग ने लिखा था कि ‘भारत के दृष्टिकोण से देखा जाए तो वे जीत भी गए और मूल्य भी कम चुकाया’। इसके अलावा उन्होंने इस आंकड़े को इतने लंबे समय बाद जारी करने की बात पर भी सवाल उठाया था।

 

बताते चले कि पिछले साल जून के महीने में गलवान घाटी में भारतीय सेना और चीनी सैनिकों के बीच भीषण झड़प हुई थी। जिसमें करीब 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। जिसके बाद भारत और चीन के बीच तनाव बहुत बढ़ गया था। लेकिन चीन ने इस झड़प को लेकर हमेशा कहा था कि उसका कोई फौजी नहीं मारा गया। इस झड़प के बाद LAC पर भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने थे। हाल ही में दोनों पक्षों ने अपने-अपने फौजी वापस बुलाए हैं।

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