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एशिया

म्यांमार में हुआ सैन्य तख्तापलट, हिरासत में लिए गए राष्ट्रपति विन म्यिंट और आंग सान सू की

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Aung San Suu Kyi
Photo of Aung San Suu Kyi[Instagram]

भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में फिर राजनीतिक उथल-पुथल मच गई है। आज 1 फरवरी 2021 को म्यांमार में तख्तापलट हो गया है। इस देश की सेना ने सत्ता की कमान अपने हाथों में ले ली है। केवल इतना ही नहीं सेना ने म्यांमार की सर्वोच्च नेता आंग सान सू की और राष्ट्रपति विन म्यिंट को हिरासत में ले लिया है। खबरों की माने तो इनके अलावा देश के वरिष्ठ नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है।

 

म्यांमार की सेना ने देश में पूरे एक साल के लिए आपातकाल लगाते हुए देश में सैन्य शासन लागू कर दिया है। वहां के एक सैन्य टेलीविजन की जानकारी के मुताबिक पूरा देश एक साल तक सेना के नियंत्रण रहेगा। जिसकी कमान कमांडर-इन-चीफ मिन आंग ह्लाइंग के हाथो में हैं। तख्तापलट के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में फौजियों की तैनाती कर दी गई है। साथ ही तख्तापलट के विरोधियों को रोकने के लिए यांगून में सिटी हॉल के बाहर सैनिकों का पहरा लगाया गया है।

 

हालांकि सत्तारूढ़ दल नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी के प्रवक्ता न्यंट ने पहले ही आंग सू की और राष्ट्रपति विन म्यिंट के हिरासत में लिए जाने की पुष्टि कर दी थी। सेना ने कहा है कि उसने यह फैसला चुनाव में हुई धोखाधड़ी के जवाब में लिया है। पर बताते चले कि म्यांमार में अक्सर लोकतंत्र को बर्खास्त करके सेना अपना शासन स्थापित करती आई है।

 

पड़ोसी देश में हुए इस घटनाक्रम पर भारत ने अपनी चिंता व्यक्त की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत इस घटनाक्रम से बेहद चिंतित हैं और हम हमेशा से म्यांमार में लोकतंत्र प्रक्रिया के समर्थक रहे हैं। हमारा मत है कि देश में काननू और लोकतंत्र प्रक्रिया को बरकरार रखा जाए। म्यांमार की स्थिति पर अमेरिका ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उसने म्यांमार की सेना को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ये तख्तापलट खत्म नहीं किया गया तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।