Connect with us

एशिया

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमले की संयुक्त राष्ट्र ने की निंदा, निष्पक्ष जांच का किया आह्वान, अमेरिका ने भी कही यह बात

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लोगों पर हाल में हुए हमलों की घटनाओं की निंदा की है

Published

on

Photo from Twitter
Photo shared by Taslima Nasreen [Twitter]

संयुक्त राष्ट्र ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते हमले और अत्याचार को लेकर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र ने सख्त रूख अपनाते हुए कहा है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे हमले उसके संविधान में निहित मूल्यों के विरुद्ध हैं। वहां की प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार को घटनाओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र के साथ-साथ भारत और अमेरिका ने भी हिंदुओं पर हो रहे हमलों की निंदा की है।

 

एक लीडिंग डेली की रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट को ऑर्डिनेटर मिया सेप्पो ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि बांग्लादेश में हाल ही में हिंदुओं पर हुए हमले अभद्र भाषा से प्रेरित और संविधान के मूल्यों के खिलाफ हैं और इसे रोकने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि हम सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का आह्वान करते हैं।

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के लोगों हुए हमलों की घटनाओं की निंदा करते हुए अमेरिका ने कहा कि धर्म चुनने की स्वतंत्रता मानवाधिकार है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दुनिया का प्रत्येक व्यक्ति, फिर चाहे वह किसी भी धर्म या आस्था को मानने वाला हो, उसका अपने अहम पर्व मनाने के लिए सुरक्षित महसूस करना जरूरी है। विदेश मंत्रालय बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लोगों पर हाल में हुए हमलों की घटनाओं की निंदा करता है।

 

बता दें कि बांग्लादेश में अफवाहों के बाद भड़की हिंसा भड़क उठी है। कट्टरपंथियों द्वारा लगातार हिंदू समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिंसा में अब तक छह लोग मारे जा चुके हैं। बांग्लादेश के पीरगंज में हिंदुओं के कम से कम 66 घर आग के हवाले कर दिए गए। गृहमंत्री असदुज्जमां खान कमाल ने बताया है कि दोषियों की पहचान की गई और 45 से अधिक को गिरफ्तार किया गया है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *