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टेक्नोलॉजी

आपात चिकित्सा के लिए कंटेनर-बेस्ड हॉस्पिटल की टेक्नोलॉजी तैयार कर रहा भारत, आपात स्थितियों में कहीं भी उपलब्ध होगी स्वास्थ्य सेवा, जानें इसकी खासियत

भारत एशिया का ऐसा पहला देश है जिसके पास दो कंटेनर-बेस्ड हॉस्पिटल टेक्नोलॉजी है

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Photo from Unplash
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कोरोना महामारी के बाद देश के हेल्थ इंस्फ्रास्ट्रक्चर में बड़े डेवलपमेंट और बदलावों की जरूरत महसूस की गई। संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान हेल्थ सेक्टर से जुड़ी कई समस्याएं सामने आई। इसको ध्यान में रखते हुए भारत सरकार देश के हेल्थ सेक्टर को मजबूत करने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। अब भारत में एक नई और शानदार टेक्नोलॉजी पर काम हो रहा है। जिसकी मदद से आपात स्थितियों में भी हवा, पानी या फिर सड़क मार्ग से 24 घंटे के अंदर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

 

 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा टेक्नोलॉजी को लेकर दी गई जानकारी के अनुसार यह एक प्रकार का कंटेनर हॉस्पिटल होगा जिसमें उपचार, ICU, वेंटिलेटर और जांच तक की सभी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसका उपयोग प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप और समुद्री तूफान के साथ-साथ संक्रामक बीमारी आदि जैसी आपात स्थिति में भी किया जा सकेगा। बता दें कि आपात चिकित्सा को लेकर एशिया में पहली बार ऐसी तकनीक पर काम हो रहा है।

 

इस तकनीक में खास बात यह है कि कंटेनर को रेल, जहाज या फिर हेलीकॉप्टर के माध्यम से कहीं भी पहुंचाया जा सकेगा। कंटेनर हॉस्पिटल लगभग 36 मीटर लंबे और 32 मीटर चौड़े होंगे जिसमें ब्लड और रेडियो डायग्नोस्टिक की सुविधा भी उपलब्ध होगी। कंटेनर में ICU और वेंटिलेटर बेड्स के साथ-साथ आइसोलेशन वार्ड और डॉक्टर, नर्स के लिए केबिन होगा।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कंटेनर हॉस्पिटल के बारे में बताया कि कई कंटेनर को एक जगह पर तैयार किया जा रहा है। कुछ कंटेनर ऐसे भी होंगे जिन्हें तुरंत ले जाकर असेंबल करके हॉस्पिटल बना दिया जाएगा। छोटे-बड़े सभी प्रकार के कंटेनर पर काम किया जा रहा है। छोटे उपकरणों को रखने के लिए छह मीटर के आकार वाले कंटेनर भी तैयार किए जा रहे हैं

 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कंटेनर को ऐसे तैयार किया जा रहा है कि यह डॉक्टर और अन्य हेल्थ-वर्कर्स के लिए पूरी तरह से सुरक्षित रहे। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक जैसे रेल के डिब्बों को जोड़ा जाता है, ठीक वैसे ही कई कंटेनर को भी आपस में जोड़कर पूरा हॉस्पिटल बनाया जा सकता है। सिर्फ चार हफ्ते में पूरा अस्पताल तैयार हो जाएगा और इसका मॉडल कोई भी हासिल कर सकता है।

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कंटेनर हॉस्पिटल की योजना के लिए तकनीक और चिकित्सा दोनों ही सेक्टर्स की मदद ली गई है। IIT और दिल्ली AIIMS के विशेषज्ञों ने मिलकर इस खास मॉडल पर काम किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया इस तकनीक को लेकर ने कहा कि एशिया में पहली बार, व्यापक चिकित्सा सुविधाओं वाले कंटेनर-आधारित दो अस्पताल हर समय तैयार रखे जाएंगे, जिन्हें देश में किसी भी आपदा याविपदा के समय स्थिति से निपटने के लिए रेल या हवाई मार्ग के जरिए तेजी से इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

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