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पॉलिटिक्स

किसान संगठनों के साथ और बातचीत के लिए तैयार है केंद्र सरकार, कृषि मंत्री ने कहा- ‘हमारे साथ करें विचार-विमर्श’

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Narendra Singh Tomar
Picture of Narendra Singh Tomar[Twitter]

नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के बीच केंद्र सरकार की ओर से किसान संगठनों के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने के संकेत दिए गए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने बयान में कहा है कि किसान संगठनों के साथ सरकार की अब तक 11 दौर की बातचीत हो चुकी है। सरकार आगे बातचीत के लिए तैयार है।

कृषि मंत्री ने बताया कि कई किसान संगठन और अर्थशास्त्री तीनों नए कृषि कानूनों का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन कुछ किसान इनका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हमने समस्याग्रस्त हिस्सों पर चर्चा करने और उनमें बदलाव करने की पेशकश की। जिसे किसान यूनियनों ने स्वीकार नहीं किया और कारण नहीं दिया। जब सरकार बातचीत के लिए तैयार नहीं होती है या जब संघ को अनुकूल प्रतिक्रिया नहीं मिलती है तभी आंदोलन जारी रहता है। लेकिन यहां यूनियनों ने इसे वैसे भी जारी रखने का फैसला किया है’।

कृषि मंत्री ने आगे कहा कि ‘मैंने कई बार यूनियन के नेताओं से बच्चों और वृद्धों को कोरोना के मद्देनजर घर वापस जाने के लिए कहने का आग्रह किया था। अब कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो गई है, किसानों और उनकी यूनियनों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। उन्हें विरोध स्थगित करना चाहिए और हमारे साथ विचार-विमर्श करना चाहिए।

 

बता दें कि तीनों नए कृषि कानूनों का अध्ययन करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन कानूनों समिति नियुक्त की है। जिसने अपनी रिपोर्ट भी सर्वोच्च न्यायालय को सौंप दी है। बताते चले कि कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संघठनो की मांग है कि सरकार जब तक MSP पर गारंटी और तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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