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पॉलिटिक्स

हरियाणा सरकार के प्राइवेट सेक्टर में 75 फीसदी आरक्षण के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका हुई खारिज, पढ़े खबर

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Photo from Unplash
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हरियाणा सरकार के प्राइवेट नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षण देने के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका को हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। एक लीडिंग पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब और हरियाणा की उच्च अदालत ने कहा कि निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षण देने वाला कानून इंडस्ट्री पर लागू नहीं हुआ है।

 

रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अपनी याचिका वापस लेने की छूट देते हुए इस याचिका को खारिज किया है। इस याचिका में उच्च अदालत से कहा गया था कि यह आरक्षण कानून केंद्र सरकार की ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की नीति के विपरीत है और कोरोना के कारण प्रभावित हुए बाजारों को राहत की आवश्यकता है ऐसे में यह कानून निजी क्षेत्र के विकास में रूकावट पैदा करेगा।

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याचिका में आशंका जताई गई कि इस कानून के चलते हरियाणा राज्य से उद्योग भी स्थानांतरित हो सकते हैं। याचिका में इस कानून को निजी क्षेत्र के संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया गया था। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्राइवेट सेक्टर में नौकरियां योग्यता व कौशल के आधार पर उपलब्ध होती। हैं

 

बताते चले कि हरियाणा की सरकार ने हाल ही में निजी क्षेत्र में हरियाणा निवासियों के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण देने का विधेयक पास किया था। राज्य सरकार द्वारा यह आरक्षण 50 हजार रुपये मासिक से वेतन की नौकरियों के लिए है। जो कि ऐसी संस्थाओं पर लागू होगा जिनमें जिनमें 10 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। साथ ही इस नियम के उल्लंघन पर हरियाणा सरकार ने जुर्माने का प्रावधान भी किया है।