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राष्ट्र-विरोधी ट्वीट्स पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट, ट्विटर और केंद्र को जारी किया नोटिस

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माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर देश विरोधी ट्वीट और फेक न्यूज को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रूख अपनाया है। सर्वोच्च न्यायालय ने एक याचिका पर ट्विटर और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह याचिका भाजपा नेता विनीत गोयनका की ओर से दायर की गई थी। जिसपर पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नोटिस भेजा है।

विनीत गोयनका द्वारा दर्ज जनहित याचिका में भारत-विरोधी और देशद्रोही सोशल मीडिया और खासतौर से ट्विटर पर पोस्टों की जांच करने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग उठाई गई थी। बता दें कि केंद्र सरकार ने ट्विटर को किसान आंदोलन को लेकर फर्जी और गलत खबर फैलाने वाले अकाउंट्स को बंद करने का निर्देश दिया है। जिसके बाद सरकार और ट्विटर के बीच टकराव बढ़ने की खबर भी सामने आई है।

 

हालांकि लेटेस्ट मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ट्विटर ने करीब 97 प्रतिशत विवादित अकाउंट्स बंद किए हैं। लेकिन कुछ अकाउंट्स पर माइक्रोब्लॉगिंग साइट का कहना है की राजनेताओं और मीडिया के अकाउंट बंद नहीं किए गए क्योंकि यह देश के अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार का उल्लंघन होगा।

सोशल को लेकर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी कहा कि भारत के कानून के अनुसार से चलना होगा। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने की अनुमति किसी को नहीं है। रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा कि ‘चाहे वह ट्विटर हो, फेसबुक हो, चाहे वह लिंक्डइन हो या कोई और मैं विनम्रतापूर्वक आग्रह करूंगा कि आप काम करिए। लेकिन भारत के संविधान का आपको पालन करना होगा’।

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