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दुश्मन को करारा जवाब देने के लिए भारतीय फौज में शामिल होंगे फ्यूचरिस्टिक इन्फैंट्री लड़ाकू वाहन, इन क्षेत्रों में होगी तैनाती

भारतीय सेना ने मेक इन इंडिया के तहत इन लड़ाकू वाहनों के अधिग्रहण की योजना के लिए सूचना के लिए अनुरोध जारी किया है

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Photo from Unplash
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भारत और चीन के बीच सरहद पर पिछले वर्ष से चल रहे तनाव को देखते हुए भारतीय सेना खुद को चुस्त-दुरुस्त रखने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। आधुनिक हथियारों और तकनीक के साथ दुश्मन को करारा जवाब देने के लिए सेना की ओर से कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं। अब भारतीय सेना की ओर से फ्यूचरिस्टिक इन्फैंट्री लड़ाकू वाहनों के अधिग्रहण की योजना के लिए सूचना के लिए अनुरोध जारी किया गया है।

 

एक लीडिंग न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय सेना ने मेक इन इंडिया के तहत 1750 फ्यूचरिस्टिक इन्फैंट्री लड़ाकू वाहनों के अधिग्रहण की योजना के लिए सूचना के लिए अनुरोध जारी किया है। भारतीय फौज इन कॉम्बैट वीइकल का इस्तेमाल दुश्मन के टैंकों को नष्ट करने और सैनिकों को ले जाने के लिए करेगी। भारतीय सेना को इस योजना के तहत हर साल 75-100 कॉम्बैट वीइकल मिल सकेंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना का कहना है कि वह पूर्वी लद्दाख और रेगिस्तान और उभयचर जैसे क्षेत्रों में इन लड़ाकू वाहनों की तैनाती करना चाहती है। एक लीडिंग डेली ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यह परियोजना काफी समय से योजना में है और लद्दाख में संघर्ष के दौरान टैंक-बस्टिंग क्षमताओं से लैस एक मॉडर्न सैन्य वाहन की आवश्यकता महसूस की गई थी।

भारतीय फौज 350 हल्के टैंक हासिल करने की संभावना भी देख रही है। सेना ने कहा है कि वह हल्के टैंकों को मेक-इन-इंडिया और रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (DAP 2020) के तहत खरीदने की योजना है। भारतीय सेना के अनुसार वह चाहती है कि उसके 25 टन से कम वजन वाले टैंक का इस्तेमाल अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र, सरहदी इलाके और उभयचर आदि में किया जाए।

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