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अंतराष्ट्रीय संबंध

कश्मीर मुद्दे पर फ्रांस ने खुलकर किया भारत का समर्थन, कहा- ‘हमने चीन को कोई खेल नहीं खेलने दिया’

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Narendra Modi
Photo of Narendra Modi and Emmanuel Macron [Instagram]

कश्मीर मुद्दे पर फ्रांस, खुलकर भारत के समर्थन में आ गया है। फ्रांस और भारत के बीच हुई ताजा रणनीतिक वार्ता में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कूटनीतिक सलाहकार इमैनुएल बोन ने भारत का सपोर्ट किया साथ ही पाकिस्तान और चीन की हरकतों पर कड़ा रूख अख्तियार करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि फ्रांस हमेशा से ही कश्मीर मुद्दे पर भारत के साथ रहा है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन को अपनी चाले चलने में कामयाब होने नहीं दिया।

 

इमैनुएल बोन ने यह बयान विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन की ओर से आयोजित एक वेबिनार में दिया है। उन्होंने कहा, चीन अगर नियम भंग करता है तो हमें इसके विरुद्ध मजबूती के साथ खुलकर आना होगा। हिंद महासागर में फ्रांसीसी नौसेना की उपस्थिति का भी यही करण हैं। बोन ने ताइवान स्ट्रेट में फ्रांस नौसेना की पट्रोलिंग पर स्पष्ट करते हुए बताया कि यह किसी को उकसाने के लिए नहीं की जा रही। है इसका मकसद सिर्फ अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन कराना है।

Narendra Modi

Photo of Narendra Modi and Emmanuel Macron [Instagram]


बोन ने आगे कहा कि भारत दो तरफा चुनौतियों का सामना कर रहा हैं। जहां एक तरफ हिमालय में परेशानी जारी है वहीं दूसरी तरफ बॉर्डर पर पाकिस्तान समस्या बना हुआ है। हिमालय के मुद्दे पर हमारे बयानों पर ध्यान दीजिए, हम पूरी तरह से साफ और सार्वजनिक रूप से बात कहते हैं। चीन के साथ निजी बातचीत में फ्रांस वही बात दोहराता है। इस मुद्दे पर हमारी ओर से कोई अस्पष्टता नहीं है।

 

कूटनीतिक सलाहकार बोन ने आगे यह भी कहा कि कश्मीर मुद्दे पर हमने सुरक्षा परिषद हमेशा से भारत का सपोर्ट किया और है और चीन को इसे लेकर कोई खेल नहीं खेलने दिया है। उन्होंने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से हुई बातचीत के बारे में बताया कि दोनों में हिंद महासागर, रक्षा, और सैन्य सहयोग सहित कई जरूरी मुद्दों पर चर्चा हुई है।

 

इमैनुएल बोन ने यह भी बताया कि आगामी समय में फ्रांस, क्वैड समूह के साथ एक नौसैन्य अभ्यास भी कर सकता हैं। क्वैड समूह में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत शामिल हैं। बताते चले कि फ्रांस ने आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने में भारत का साथ दिया था। जम्मू-कश्मीर से 370 हटने के बाद जब चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मीटिंग आयोजित करने की कोशिश की थी तब भी फ्रांस भारत के पक्ष में खड़ा था।

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