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चंद्रयान-2 के चंद्रमा की कक्षा में पूरे हुए दो साल, पूरी की इतने हजार से अधिक परिक्रमा; ISRO ने किया ‘चंद्र विज्ञान कार्यशाला 2021’ का उद्घाटन

के. सिवन ने बताया कि उन्होंने वैज्ञानिक परिणामों को बेहद उत्साहजनक पाया है

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज जानकारी दी है कि भारतीय अंतरिक्ष यान ‘चंद्रयान-2’ ने चंद्रमा की 9,000 से ज्यादा परिक्रमा पूरी कर ली हैं। चंद्रयान-2 की चंद्रमा की कक्षा में परिक्रमा शुरू होने के दो साल पूरे होने पर ISRO सोमवार 6 सितम्बर से दो दिवसीय ‘चंद्र विज्ञान कार्यशाला 2021’ का आयोजन कर रहा है।

 

ISRO के अनुसार ‘चंद्रयान-2’ पर लगे वैज्ञानिक उपकरणों ने भी बेहद उत्साहजनक डाटा उपलब्ध कराए हैं। ISRO के चेयरमैन के. सिवन ने ‘चंद्र विज्ञान कार्यशाला 2021’ के उद्घाटन के अपने संबोधन में बताया कि चंद्रयान-2 पर लगे आठ उपकरण चंद्रमा की सतह से करीब 100 किलोमीटर की ऊंचाई से उसका अवलोकन कर रहे हैं।

के. सिवन ने आगे बताया कि उन्होंने वैज्ञानिक परिणामों की समीक्षा की है और उन्हें बेहद उत्साहजनक पाया है। ISRO के पूर्व चेयरमैन और ISRO में एपेक्स साइंस बोर्ड के वर्तमान चेयरमैन एएस किरण कुमार ने भी बताया कि चंद्रयान-2 पर लगे इमेजिंग और वैज्ञानिक उपकरण शानदार डाटा उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 के उपकरणों में कई नए फीचर जोड़े गए हैं जिसने चंद्रयान-1 द्वारा किए गए अवलोकन को नई और अधिक ऊंचाई पर पहुंचाया है।

 

ISRO के अनुसार इस अवसर पर के. सिवन ने चंद्रयान-2 पर लगे उपकरणों के डाटा के साथ-साथ डाटा के नतीजे और वैज्ञानिक दस्तावेज भी जारी किए है। ISRO ने कहा है कि इसके वैज्ञानिक डाटा को अकादमियों और संस्थानों द्वारा विश्लेषण के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है जिससे चंद्रयान-2 मिशन में अधिक भागीदारी के जरिये अधिक से अधिक वैज्ञानिक निष्कर्ष सामने आ सकें।

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