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कोरोना वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल का खुलासा करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस, पढ़ें खबर

सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर नोटिस जारी करते हुए चार हफ्ते के अंदर इसका जवाब देने को कहा है

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सर्वोच्च न्यायालय ने कोरोना टीकाकरण अभियान में इस्तेमाल हो रहे कोरोना टीकों के क्लिनिकल परीक्षण का खुलासा करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में कोरोना वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल के संबंध में डेटा के खुलासा करने हेतु सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है।

 

एक लीडिंग डेली की रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने इस याचिका पर नोटिस जारी करते हुए चार हफ्ते के अंदर इसका जवाब देने को कहा है। पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत अधिवक्ता से यह भी पूछा कि क्या इसपर विचार करने से कोरोना टीकों को लेकर लोगों के मन में संदेह पैदा नहीं होगा।

Photo from Unplash

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अधिवक्ता ने इसके उत्तर में कहा है कि यह वैक्सीन विरोधी याचिका नहीं है और न ही याचिकाकर्ता देश में टीकाकरण अभियान को रोकने की मांग कर रहा है। इस विषय पर पारदर्शिता की जरूरत है और डेटा के सामने आने से सभी संदेह दूर हो जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि इससे यह संकेत नहीं जाना चाहिए कि सर्वोच्च न्यायालय वैक्सीन के प्रभाव पर भरोसा नहीं करता है।

 

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि देश कोरोना वैक्सीन की कमी से जूझ रहा है और आपकी दलील ने एक नया आयाम खड़ा कर दिया है। कोरोना टीकाकरण जारी रहने दें और हम इसे रोकना नहीं चाहते हैं। बताते चले कि देश में सीरम इंस्टिट्यूट की कोविशील्‍ड, भारत बायोटेक की कोवैक्‍सीन और रूसी वैक्सीन स्‍पूतनिक वी का वैक्सीनेशन प्रोग्राम में इस्तेमाल हो रहा है।

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