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ट्विटर को संसदीय समिति की दो टूक- ‘देश का कानून सर्वोच्च है, आपकी पॉलिसी नहीं’

ट्विटर के अधिकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत हुए और अपना बयान दर्ज करवाया है

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Photo from Unplash
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संसद की सूचना व प्रौद्योगिकी की स्थायी संसदीय समिति ने ट्विटर के अधिकारियों को आज 18 जून को समिति के सामने पेश होने के लिए समन भेजा था। इस क्रम में आज ट्विटर के अधिकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत हुए और सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल को रोकने को लेकर उठाए गए कदमों पर अपना बयान दर्ज करवाया है। एक लीडिंग न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार समिति ने ट्विटर को फटकार भी लगाई है।

 

रिपोर्ट के मुताबिक संसदीय समिति के सदस्यों ने ट्विटर इंडिया के अधिकारियों द्वारा प्राइवेसी पॉलिसी का हवाला दिए जाने पर ट्व‍िटर से दो-टूक कहा है कि देश का कानून ही सर्वोच्च है। आपकी पॉलिसी नहीं। समिति ने ट्विटर इंडिया से यह भी पूछा कि जब उसने भारतीय कानूनों का उल्लंघन किया तो उस पर जुर्माना क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए।

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रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने बताया है कि संसदीय पैनल के सदस्यों ने ट्विटर के अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए कठिन प्रश्न पूछे लेकिन अधिकारियों के जवाब अस्पष्ट थे। बता दें कि कांग्रेस के नेता और सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने ट्विटर को सोशल मीडिया के दुरुपयोग और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा से संबंधित मुद्दे पर तलब किया था।

 

बताते चले कि भारत सरकार ने हाल ही में ट्विटर से भारत में मिला कानूनी सुरक्षा का आधार वापस ले लिया गया है। ट्विटर द्वारा 26 मई 2021 से प्रभावी हुए नए आईटी नियमों का अनुपालन नहीं करने को लेकर उसके खिलाफ यह सख्त कदम उठाया गया है। इससे पहले भारत सरकार ने ट्विटर को नोटिस जारी करते हुए आखिरी वार्निंग भी दी थी कि कंपनी नई गाइडलाइंस का पालन जल्द से जल्द करे नहीं तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

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