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कोरोना

DCGI ने मॉडर्ना वैक्सीन को भारत में आपातकालीन इस्तेमाल की दी मंजूरी, जानें कितने फीसदी असरदार है या टीका

भारत के वैक्सीनेशन प्रोग्राम में अब एक और कोरोना वैक्सीन शामिल हो गई गई है

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Photo from Unplash
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भारत के वैक्सीनेशन प्रोग्राम में अब एक और कोरोना वैक्सीन शामिल हो गई गई है। भारतीय औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने सिप्ला कंपनी की मॉडर्ना वैक्सीन को देश में आपातकालीन इस्तेमाल के लिए आयात करने की इजाजत दी है। इस बात की पुष्टि नीति आयोग के स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर वीके पॉल ने भी की है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित मॉडर्ना वैक्सीन को भारत में अनुमति दे दी गई है। इसकी दो डोज लगाई जाएंगी।

 

देश के वैक्सीनेशन प्रोग्राम में शामिल होने वाली मॉडर्ना चौथी वैक्सीन है। यह वैक्सीन कोरोना के खिलाफ 90 फीसदी तक असरदार है। एक लीडिंग डेली की रिपोर्ट के अनुसार सिप्ला ने DCGI को दिए अपने आवेदन में विदेशी वैक्सीन के लिए क्लिनिकल ट्रायल से छूट देने के सरकार के फैसले का जिक्र भी किया था। मॉडर्ना के वैक्सीनेशन में इस्तेमाल होने से पहले 100 लाभार्थियों का सुरक्षा मूल्यांकन डेटा चेक किया जाएगा।

 

मॉडर्ना के बाद अब फाइजर वैक्सीन के भी जल्द भारत में आने की उम्मीद है। डॉक्टर वीके पॉल ने बताया है कि फाइजर के साथ भी अब जल्द ही करार हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि चारो कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन, कोविशील्ड, स्पुतनिक वी और मॉडर्ना स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं।टीके से उन्हें कोई खतरा नहीं है।

 

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने देश के कोरोना टीकाकरण बारे में बताया कि देश में कुल 27.27 करोड़ लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई है और 5.84 करोड़ लोगों को टीके की दूसरी डोज भी लगाई जा चुकी है। अब तक कुल 33,11,14,286 वैक्सीन की खुराक लगाई गई है।

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