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कोरोना

ऑक्सीजन की कमी पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट, नोटिस जारी कर केंद्र से मांगा नेशनल प्लान

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देश में कोरोना महामारी के बीच हुई ऑक्सीजन की भारी किल्लत पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रूख अपनाते हुए केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। ऑक्सीजन की कमी को सर्वोच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेते हुए केंद्र को नोटिस जारी किया है और सरकार से इस महामारी से निपटने के लिए नेशनल प्लान भी मांगा है।

 

सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र से सवाल किया है कि आपके पास कोरोना से निपटने के लिए क्या व्यवस्था है। मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की अगुवाई वाली बेंच ने कहा है कि कोरोना वैक्सीनेशन की प्रक्रिया से जुड़े मामलों पर भी विचार किया जाएगा। सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र से दवाओं की सप्लाई, वैक्सीन लगाने का तरीका, ऑक्सीजन की सप्लाई और लॉकडाउन लगाने के अधिकार के मुद्दे पर नेशनल प्लान मांगा है।

सुप्रीम कोर्ट को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि देश को ऑक्सीजन की सख्त जरूरत है। कई क्षेत्रों में इसकी सप्लाई नहीं होने से लोगों को काफी समस्या हो रही हैं। ऑक्सीजन की कमी के चलते मरीजों की तकलीफ भी बढ़ती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस केस के लिए एमिकस क्यूरी के तौर पर हरीश साल्वे की नियुक्ति भी की है।

प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे ने यह भी कहा कि इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को भी की जाएगी। बताते चले कि पिछले 24 घंटों में सामने आए कोरोना के नए मामले भयावह हैं। बीते एक दिन में 3,14,835 नए केस मिले हैं। इसके साथ ही कुल संक्रमितों का आंकड़ा एक करोड़ 59 लाख 30 हजार 965 पहुंच गया है। अब तक एक करोड़ 34 लाख 54 हजार से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं।

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