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कोरोना

ICMR के अध्ययन में हुआ दावा; कोरोना के अलग-अलग वैरियंट्स के खिलाफ प्रभावी है ‘कोवैक्सीन’, पढ़ें खबर

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Bharat Biotech
Photo shared by Bharat Biotech[Twitter]

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने भारत की पहली स्वदेशी कोरोना वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ को लेकर एक राहत भरी खबर दी है। ICMR ने अपने अध्ययन में पाया है कि ‘कोवैक्सीन’ कोरोना के वायरस के अलग-अलग वैरियंट्स पर प्रभावी है। इन दिनों कोरोना के नए वेरिएंट यानि डबल म्यूटेंट वैरियंट (B.1.617) ने खलबली मचाई हुई है।

 

ICMR के शोध में भारत बायोटेक द्वारा निर्मित ‘कोवैक्सीन’ के अलग-अलग वैरियंट्स पर असर करने का दावा नए वैरियंट्स के प्रति लोगों की घबराहट कम करने का काम करेगी। भारत में कोरोना की दूसरी लहर के लिए कोरोना के नए डबल म्यूटेंट वैरियंट को ही जिम्मेदार माना जा रहा है। ऐसे में ‘कोवैक्सीन’ को लेकर हुए इस शोध से लोगों की आशाएं भी बढ़ गई है।

Representative Image [Instagram]

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बता दें कि कोरोना के नए वैरियंट का शुरुआती लेवल भारत में दो म्यूटेशन के साथ पता चला है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी डबल म्यूटेंट की उपस्थिति को स्वीकार किया था। यह डबल म्यूटेशन वाला वैरियंट करीब 10 देशों में पाया जा चुका है। एक रिपोर्ट के अनुसार कई देशों में ये वैरिएंट अलग-अलग पाए गए हैं। लेकिन भारत में पहली बार यह एक साथ मिला है।

 

दूसरी तरफ महामारी को रोकने के लिए देश में हो रहे कोरोना वैक्सीनेशन प्रोग्राम को और तेज करने के लिए आगामी एक मई से 18 साल के ऊपर के सभी लोगों को वैक्सीन लगवाने की अनुमति दे दी गई है। इसके अलावा देश में अब विदेशी वैक्सीनों के आने की भी उम्मीद है। जिसको लेकर सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है। रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-वी को भारत में आपात इस्तेमाल की मंजूरी भी मिल चुकी है।

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