Connect with us

भारत

नीति आयोग ने उठाया नवाचार सूचकांक से पर्दा, ये हैं भारत के टॉप 5 प्रगतिशील राज्य

Published

on

Rajiv Kumar
Photo of shared by @RajivKumar1[Twitter]

भारतीय नीति आयोग ने आज 20 जनवरी को दूसरे नवाचार सूचकांक यानि कि इनोवेशन इंडेक्स जारी की है। नवाचार की दृष्टि से कर्नाटक देश का सबसे प्रगतिशील राज्य साबित हुआ है। कर्नाटक के साथ-साथ महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल को टॉप 5 राज्यों में स्थान मिला। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार और सीईओ अमिताभ कांत ने इस इनोवेशन इंडेक्स को ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स की तर्ज पर तैयार किया है।

इनोवेशन इंडेक्स में छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड इस लिस्ट में सबसे निचले स्थान पर है। नीति आयोग की जानकारी के अनुसार इस इनोवेशन इंडेक्स में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तुलना के लिहाज से कुल 17 प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बांटा गया है। जिसमें औसत नवाचार अंक 25.35 हैं। जबकि कर्नाटक 42.5 अंक के साथ टॉप पर है।

 

बताते चले कि भारत नवाचार सूचकांक में नए अवसरों को बढ़ावा देने और समाज को प्रगति की ओर ले जाने के प्रयासों के साथ विकास के अच्छे प्रदर्शन के आधार पर राज्यों और देश के केंद्रशासित प्रदेशों को जगह देता है। इस इनोवेशन इंडेक्स को जारी करने का मकसद नवचार के क्षेत्र में राज्यों की ताकत और उनकी कमजोरियों को ढूढ़कर उनमे मजबूती लाने की ओर सशक्त कदम बढ़ाना है।

भारत नवाचार सूचकांक जारी करते हुए राजीव कुमार ने कहा कि देश में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार का ऑफिस और नीति आयोग एक साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए कुछ योजनाएं पहले से जारी हैं जिन्हे भारत सरकार और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। बता दें कि कर्नाटक देश का सबसे इनोवेटिव राज्य का दर्जा अपने वेंचर कैपिटल डील्स, भौगोलिक संकेतक के साथ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के सफल प्रयोगों और निर्यात के चलते मिलता है। बिहार को 14.5 अंक के साथ इस लिस्ट में सबसे नीचे रखा गया है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *