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कोरोना

Corona: वैक्सीनेशन में सीरिंज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने लगाया इतने महीने का आंशिक बैन, पढ़ें खबर

घरेलू उपलब्धता और आपूर्ति को बढ़ाने के लिए सीरिंज के निर्यात पर रोक लगाई है

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Representative Image [Instagram]
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देश में चल रहे कोरोना टीकाकरण अभियान में कोरोना वैक्सीन के साथ-साथ सीरिंज की उपलब्धता भी बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार ने सीरिंज की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इसके निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि तीन महीने के लिए सिर्फ तीन श्रेणियों की सीरिंज पर प्रतिबंध लगाया गया है।

 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय को ध्यान में रखते हुए, भारत के अंतिम नागरिक का वैक्सीनेशन करने के लिए एक दृढ़ राजनीतिक प्रतिबद्धता के साथ, सरकार ने घरेलू उपलब्धता और आपूर्ति को बढ़ाने के लिए सीरिंज के निर्यात पर रोक लगाई है। मंत्रालय ने कहा कि कम से कम समय में सभी पात्र नागरिकों का वैक्सीनेशन करने के कार्यक्रम की गतिशील को बनाए रखने के लिए सीरिंज महत्वपूर्ण हैं।

Photo from Unplash

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स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा यह भी बताया गया है कि भारत सरकार ने वैक्सीन देने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सीरिंज की पर्याप्त उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए केवल 0.5 मिली/1 मिली एडी (आटो-डिसेबल) सीरिंज, 0.5 मिली/1 मिली/2 मिली/3 मिली डिस्पोजेबल सीरिंज और 1 मिली/2 मिली/3 मिली आरयूपी सीरिंज के निर्यात पर तीन महीने के लिए प्रतिबंध लगाया है।

 

एक लीडिंग डेली की रिपोर्ट के अनुसार विशेषज्ञों का मानना है की विश्व 60 फीसद आबादी को कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए 800 से 1,000 करोड़ सीरिंज की जरूरत है। भारतीय सीरिंज निर्माता हिंदुस्तान सीरिंज एंड मेडिकल डिवाइसेज (HAMD) और इस्कॉन सर्जिकल दुनिया की सबसे बड़ी सीरिंज निर्माता कंपनियों में से एक हैं। देश में चल रहे कोरोना टीकाकरण अभियान की बात करे तो अब तक वैक्सीन की लगभग 94 करोड़ डोज लगाई गई हैं।

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