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कोरोना

अध्ययन: कोरोना से बचाव के लिए साल भर तक कारगर है कपड़े का मास्क, जानें क्या कहता है शोध

रिसर्च के अनुसार सर्जिकल मास्क के ऊपर एक कॉटन मास्क पहनने से चेहरा पूरी तरह से ढक जाता है

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Photo from Unplash
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कोरोना महामारी से बचाव के लिए मास्क लगाना बेहद जरूरी है। कपड़े के बने मास्क के इस्तेमाल को लेकर एक अहम अध्ययन सामने आया है। रिसर्च के मुताबिक बार-बार उपयोग किया जा सकने वाले कपड़े का मास्क एक साल तक से इस्तेमाल किया जा सकता है। कोलेराडो बोल्डर यूनिवर्सिटी द्वारा किया गया यह शोध एरोसोल पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

 

कोलेराडो बोल्डर यूनिवर्सिटी के इस शोध में सामने आया है कि कपड़े के मास्क को धोने और सुखाने से वायरस को रोकने की मास्क की क्षमता प्रभावित नहीं होती है। यह बड़े आराम से साल भर तक एकदम कारगर बने रहते हैं। रिसर्च के अनुसार सर्जिकल मास्क के ऊपर एक कॉटन मास्क पहनने से चेहरा पूरी तरह से ढक जाता है। यह केवल कॉटन मास्क पहनने की अपेक्षा बेहतर और सुरक्षित विकल्प है।

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मैकेनिकल इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर पाल एम. रेडी ने कहा कि कॉटन मास्क को धोया, सुखाया और फिर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने आगे बताया कि जब तक उस मास्क को आप फेंक न दें, तब तक वह इस्तेमाल के योग्य है। पाल एम. रेडी ने बताया कि कोरोना की शुरुआत में हर दिन 7,200 टन मेडिकल कचरा निकलता था। जिनमे सबसे अधिक डिस्पोजेबल मास्क होते थे। लेकिन अब कॉटन मास्क के इस्तेमाल से यह कई गुना कम हो गया है। जो कि पर्यावरण के लिए भी बेहद अच्छा है।

 

इसके अलावा नेशनल रिन्यूएबल एनर्जी लेबोरेट्री (NREL) की रिसर्च के अनुसार कपड़े के मास्क को धोकर सुखाने से इसकी क्षमता में कोई कमी नहीं आती है। इस शोध में डबल लेयर वाले कॉटन मास्क को 52 बार धोया और सुखाया गया। मास्क की गुणवत्ता को सात दिनों में एक बार परखा गया। अध्ययन में यह मास्क वायरस संक्रमण को रोकने में पहले जैसा ही कारगर पाया गया है।

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