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कोरोना

भारत में रूसी कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक लाइट को मिली ट्रायल की मंजूरी, जानिए कितने फीसदी है प्रभावी

स्पुतनिक लाइट सिंगल डोज कोरोना रोधी वैक्सीन है

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Representative Image [Instagram]
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भारत को जल्द ही कोरोना के खिलाफ एक और वैक्सीन मिल सकती है। भारतीय औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने रूसी कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक लाइट को भारत में तीसरे चरण के ट्रायल की अनुमति दी है। एक लीडिंग डेली की रिपोर्ट के अनुसार स्पुतनिक लाइट का ट्रायल पूरा होते ही वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी भी मिल जाएगी। यह सिंगल डोज कोरोना रोधी वैक्सीन है।

 

रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना के लिए बनी सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने स्पुतनिक लाइट वैक्सीन के तीसरे चरण के परिक्षण के लिए सिफारिश की थी। कमेटी ने वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए भी सिफारिश की थी, लेकिन इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि इस वैक्सीन का अभी तक भारत में ट्रायल नहीं हुआ है।

Photo from Unplash

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बता दें कि रूसी वैक्सीन ‘स्पुतनिक लाइट’ को मॉस्को के गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने डेवलप किया है। यह स्पुतनिक-वी का लाइट वर्जन है। स्पुतनिक-वी वैक्सीन दो शॉट्स वाला टीका है जिसमें दो अलग-अलग वैक्टर का उपयोग किया जाता है। जबकि ‘स्पुतनिक लाइट’ सिंगल डोज वैक्सीन है। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे वैक्सीनेशन की रफ्तार को तेज करने में यह वैक्सीन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

 

रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (RDIF) के मुताबिक ‘स्पुतनिक लाइट’ ने ‘स्पूतनिक-वी’ वैक्सीन की तुलना में 79.4 फीसदी प्रभावकारिता दिखाई है। बताते चले कि दो डोज वाली ‘स्पूतनिक-वी’ की प्रभावकारिता 91.6 फीसदी है। RDIF ने बताया है कि कि इस सिंगल डोज वैक्सीन की कीमत भी 10 डॉलर यानी कि करीब 743 रुपये से भी कम है।

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