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कोरोना

जायडस कैडिला की स्वदेशी वैक्सीन को मिली मंजूरी, 12 साल से ऊपर के बच्चों को दिया जा सकेगा यह टीका, जानें इसमें क्या है खास

देश में मंजूरी पाने वाली जायडस कैडिला की वैक्सीन ZyCoV-D छठी कोरोना वैक्सीन होगी

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Photo from Unplash
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कोरोना महामारी के खिलाफ देश को जल्द ही एक और वैक्सीन मिलने वाली है। एक लीडिंग न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी विशेषज्ञ समिति की ओर से सिफारिश के बाद भारतीय औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने जायडस कैडिला की स्वदेश में निर्मित कोरोना वैक्सीन ZyCoV-D के इस्तेमाल की आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के बाद यह दूसरी स्वदेशी वैक्सीन है।

जायडस कैडिला की यह वैक्सीन दुनिया की पहली डीएनए आधारित वैक्सीन है। जैव प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार इस वैक्सीन को 12 साल से अधिक उम्र के लोगों को दिया जा सकेगा। ZyCoV-D वैक्सीन को तीन खुराकों में दिया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की एक विशेषज्ञ समिति ने ZyCoV-D वैक्सीन को मंजूरी देने के जॉयडस कैडिला के आवेदन पर गुरुवार को विचार किया था। इसके बाद समिति ने DCGI को इसे मंजूरी देने की सिफारिश की।

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फार्मा कंपनी जायडस ने ZyCoV-D वैक्‍सीन के आपात इस्‍तेमाल के लिए DCGI के पास जुलाई में आवेदन प्रस्तुत किया था। कंपनी ने दावा किया है कि उसने भारत में अब तक 50 से अधिक केंद्रों पर इस वैक्सीन का क्लिनिकल परीक्षण किया है। DCGI से अनुमति मिलने के बाद यह भारतीय कंपनी द्वारा विकसित विश्व की पहली डीएनए वैक्सीन बन गई है।

 

देश में मंजूरी पाने वाली जायडस कैडिला की वैक्सीन ZyCoV-D छठी कोरोना वैक्सीन होगी। अब तक टिकाकरण के लिए सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड, भारत बॉयोटेक की कोवैक्सीन, रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-वी, मॉडर्ना की वैक्सीन और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को DCGI से इजाजत मिल चुकी है।

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