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कोरोना

वैज्ञानिकों ने किया आगाह: कोरोना वैक्सीनेशन के बाद भी न हो पूरी तरह से बेफिक्र, बरतें ये सावधानियां

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Photo from Unplash
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कोरोना महामारी को रोकने के लिए वैक्सीनेशन को ही सबसे कारगर उपाय माना जा रहा है। दुनिया भर में कई देश अपने-अपने नागरिकों का टीकाकरण भी तेजी से कर रहे हैं। लेकिन वैज्ञानिकों ने आगाह करते हुए कहा है कि जिन लोगों का कोरोना वैक्सीनेशन हो चुका है उन्हें पूरी तरह बेफिक्र नहीं होना है। बल्कि वैक्सीनेशन के बाद भी कोरोना से जुड़े नियमों का सख्ती के साथ पालन करना है।

 

एक लीडिंग डेली की रिपोर्ट के अनुसार वैज्ञानिकों ने कहा है कि वैक्सीनेशन के बाद व्यक्ति खुद कोरोना से गंभीर रूप से बीमार होने से बच सकता है। लेकिन उसके जरिए दूसरों में संक्रमण फैल सकता है। पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, एजूकेशन एंड रिसर्च की वैज्ञानिक विनीता बाल की माने तो लगाए जा रहे कोरोना रोधी टीके में एक व्यक्ति से दूसरे में संक्रमण के फैलाव को रोकने की क्षमता नहीं है। यह सिर्फ व्यक्ति को कोरोना संक्रमण से गंभीर रूप से बीमार होने से बचा सकते हैं। इसलिए जब तक बड़े स्तर पर अधिक से अधिक आबादी का टीकाकरण नहीं हो जाता है तब तक सोशल-डिस्टेंसिंग और मास्क का इस्तेमाल करते रहना जरूरी है।

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राष्ट्रीय रोग प्रतिरक्षाविज्ञान संस्थान दिल्ली (NII) के वैज्ञानिक सत्यजीत रथ ने भी कहा है कि वैक्सीनेशन इस महामारी को रोकने के तरीकाें में से एक है। ये कोई जादुई या फिर इकलौता तरीका नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि वैक्सीन से व्यक्ति में ऐसी एंटीबॉडी विकसित होती हैं जो इस वायरस को खत्म कर सकती हैं। लेकिन यह सिर्फ टीका लगवाने वाले व्यक्ति का बचाव कर सकता है, पूरे समुदाय का नहीं।

सत्यजीत रथ के अनुसार भविष्य में हो सकता है कि इस वायरस का ऐसा स्वरूप विकसित हो जाए जिस पर वैक्सीन प्रभावी न हो। इसलिए अगली पीढ़ी की वैक्सीन पर भी हमें तेजी से काम करना चाहिए। बताते चले कि देश में कोरोना की दूसरी लहर के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए एक्सपर्ट कमेटी ने रूस की वैक्सीन स्पुतनिक-वी (Sputnik V) के आपात इस्तेमाल की को भी मंजूरी दे दी है।

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