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भारत

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को NEET-PG की काउंसलिंग को टालने के दिए निर्देश, बताई यह वजह

केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि काउंसलिंग की शुरुआत तब तक नहीं होगी जब तक कोर्ट फैसले की वैधता का निर्णय नहीं कर लेता है

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सर्वोच्च न्यायालय ने आज NEET-PG के लिए काउंसलिंग को टालने का निर्देश दिया है। एक लीडिंग न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से NEET-PG के लिए काउंसलिंग को तब तक के लिए टालने को कहा जब तक कि वह अखिल भारतीय कोटा (AIQ) में ओबीसी और ईडब्ल्यूएस आरक्षण शुरू करने के केंद्र के फैसले की वैधता का फैसला नहीं कर लेता।

 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर न्यायालय के फैसले से पहले ही काउंसलिंग शुरू हो जाती है तो स्टूडेंट्स को एक गंभीर समस्या होगी। इसपर केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि NEET-PG के लिए काउंसलिंग की शुरुआत तब तक नहीं होगी जब तक कि कोर्ट ओबीसी और ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षण शुरू करने के केंद्र के अखिल भारतीय कोटा (AIQ) फैसले की वैधता का निर्णय नहीं कर लेता है।

सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक की आधिकारिक सूचना के मुताबिक काउंसलिंग के पंजीकरण 25 अक्तूबर, 2021 से शुरू हाेने हैं। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय से इसमें हस्तक्षेप के लिए आग्रह किया।

 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले अगस्त महीने में हुई सुनवाई के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के आरक्षण के लिए पात्रता निर्धारित करने के लिए आठ लाख रुपये की वार्षिक आय के मानदंड अपनाने को लेकर सवाल उठाया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणियों के लिए समान मानदंड कैसे अपना सकते है जब ईडब्ल्यूएस में कोई सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ापन नहीं है।

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