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भारत

देशभर में स्कूलों को खोले जाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इंकार, छात्र से कहा- ‘याचिका पर नहीं पढ़ाई पर दें ध्यान’

सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह स्कूलों को शुरू करने के लिए राज्यों को निर्देश नहीं दे सकता है

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Photo from Unplash
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सर्वोच्च न्यायालय ने देशभर में विद्यालयों को खोले की जाने की याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 12वीं के स्टूडेंट द्वारा देश भर में स्कूलों को खोलने पर सुनवाई करने के लिए दायर की गई याचिका पर सुनवाई से मना करते हुए कहा कि हम यह नहीं कहते कि यह याचिका प्रचार के लिए दायर की गई है, लेकिन बेहतर हो कि आप पढ़ाई पर ध्यान दें।

 

एक लीडिंग डेली की रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर कहा कि यह काम राज्यों का है हमें इसमें दखल नहीं देना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह स्कूलों को शारीरिक शिक्षण के लिए फिर से शुरू करने के लिए राज्यों को निर्देश नहीं दे सकता है। कोर्ट ने आगे कहा कि हम नहीं जानते कि कोरोना संक्रमण का खतरा कहां अधिक है या किन जिले में संक्रमितों की संख्या अधिक है।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बेशक बच्चों को स्कूल जाने की जरूरत है लेकिन यह राज्यों द्वारा तय किया जाना चाहिए। जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस बी. वी. नागरत्ना की पीठ ने बताया याचिकाकर्ता स्टूडेंट दिल्ली का निवासी है। इस मुद्दे पर सरकार से संवाद किया जा सकता है। जस्टिस चंद्रचूड़ ने टिप्पणी करते हुए अधिवक्ता से कहा कि अपने मुवक्किल को पढ़ाई पर ध्यान देने और खुद को संवैधानिक उपायों की खोज में शामिल न करने के लिए कहें।

 

जस्टिस चंद्रचूड़ ने आगे कहा कि देखें यह याचिका कितनी गलत है। मैं ये नहीं कह रहा हूं कि यह एक प्रचार नौटंकी है, इसलिए बच्चों को इस सब में खुद को शामिल नहीं करना चाहिए। कल्पना कीजिए कि केरल और महाराष्ट्र में क्या हालात है। दिल्ली में जो स्थिति क्या वह स्थिति पश्चिम बंगाल या पंजाब में भी समान होती है।

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