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CBSE ने सुप्रीम कोर्ट में पेश की कक्षा 12वीं के लिए मूल्यांकन नीति, इस फॉर्मूले के आधार पर तैयार होगा रिजल्ट

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सुप्रीम कोर्ट में 12वीं कक्षा के लिए ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया पेश किया है

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Photo from Unplash
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सुप्रीम कोर्ट में 12वीं कक्षा के लिए ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया पेश किया है। CBSE की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि 12वीं कक्षा के परिणाम कक्षा 10वीं और 11वीं के 5 सब्जेक्ट्स में से सबसे अधिक अंक पाने वाले 3 सब्जेक्ट्स के अंकों के आधार पर तैयार किए जाएंगे।

 

सुप्रीम कोर्ट में कक्षा 12वीं की परीक्षा रद्द करने की मांग वाली याचिका की सुनवाई के दौरान के. के. वेणुगोपाल ने खण्डपीठ को बताया कि कक्षा 12वीं के परिणाम तैयार करने के लिए छात्रों के लिए कक्षा 12 के यूनिट, टर्म और प्रैक्टिकल एग्जाम के अंक भी जोड़े जाएंगे।

अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि CBSE द्वारा गठित समिति 30:30:40 फॉर्मूले के आधार पर 12वीं कक्षा का मूल्यांकन करने के पक्ष में है। इसमें कक्षा 10 और कक्षा 11 के अंतिम परिणाम का 30 – 30 फीसदी का वेटेज दिया जाएगा और कक्षा 12 के इंटर्नल एग्जाम और प्री-बोर्ड का 40 फीसदी लिया जाएगा। CBSE ने शीर्ष अदालत को यह भी बताया कि 31 जुलाई 2021 तक 12वीं के रिजल्ट घोषित कर दिए जाएंगे।

 

सुप्रीम कोर्ट ने इसपर कहा कि रिजल्ट घोषित होने के बाद स्टूडेंट्स की अंकों को लेकर शिकायतों को हल करने के लिए भी व्यवस्था होनी चाहिए। इसपर केके वेणुगोपाल ने कहा कि वह अधिकारियों से सलाह लेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा व्यवस्था के तहत जो स्टूडेंट्स अंक / ग्रेडिंग से संतुष्ट नहीं होंगे, वे शारीरिक परीक्षाओं में सम्मिलित होकर अपने परिणाम को बेहतर कर सकते हैं। बता दें कि सीआईएससीई ने भी सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह ISC के ईवैल्यूएशन के लिए स्टूडेंट्स के पिछले छह साल के प्रदर्शन के आधार पर परिणाम तैयार करेगा।

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