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IRDAI ने बीमाकर्ताओं को Fund of Funds के माध्यम से दी स्टार्टअप में निवेश करने की अनुमति, पढ़ें खबर

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Photo from Unplash
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भारतीय बीमा नियामक ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के हित में शानदार घोषणा की है। एक वेब पोर्टल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार बीमा नियामक ने बीमाकर्ताओं को देश के भीतर निवेश करने वाले फंडों के फंड में निवेश करने की अनुमति दी है। इस कदम से भारत के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अधिक पूंजी के विकल्प खुलने की उम्मीद है।

साल 2017 के मास्टर सर्कुलर में IRDAI ने कहा था कि AIF में किसी भी निवेश की अनुमति नहीं है, जो कि फंड ऑफ फंड्स और लीवरेज फंड्स हैं। अब नए परिपत्र ने उस हिस्से को बदल दिया और कहा कि निवेश को AIF में अनुमति दी जाती है जो दैनिक परिचालन की जरूरतों को पूरा करने के लिए ऋण लेते हैं।

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प्रमुख रूप से बीमाकर्ताओं को उन फंडों में निवेश करने की अनुमति होगी जो विभिन्न प्रकार के फंडों में निवेश करते हैं जैसे कि रियल एस्टेट फंड और निजी इक्विटी फंड। माना जा रहा है कि बीमा नियामक के इस निर्णय से भारत में स्टार्टअप्स के लिए अधिक पूंजी की पेशकश करने की उम्मीद है।

हालांकि बीमाकर्ताओं को उन फंडों के फंड में निवेश करने की अनुमति है जो विदेशी कंपनियों या फंडों में निवेश करते हैं। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि बीमाकर्ताओं को वैकल्पिक निवेश कोषों में निवेश करने से भी रोक दिया, जिसमें बीमाकर्ता ने जोखिम लिया है। परिपत्र में कहा गया है कि बीमा कंपनियों को एक समवर्ती लेखा परीक्षक से इन शर्तों के अनुपालन के बारे में एक त्रैमासिक रिपोर्ट हासिल करनी होगी और इसे अपने तिमाही आवधिक रिटर्न के साथ दर्ज करना होगा।

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