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RBI ने किया Loan Moratorium का ऐलान; लोन में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी प्राथमिकता, उद्योग जगत ने की फैसले की सराहना

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Representative Image [Instagram]
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान में विभिन्न सेक्टर्स को राहत उपलब्ध कराने के लिए रिजोल्यूशन फ्रेमवर्क 2.0 की घोषणा की है। इसके तहत 25 करोड़ रुपये तक का लोन लेने वाले लोग या फिर छोटे कारोबारी लोन रिस्ट्रक्चरिंग की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। लेकिन ये उन्ही के लिए है जिन्होंने पहले इस स्कीम का लाभ न उठाया हो। RBI द्वारा छोटे कारोबारों को अवसर देने और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को लोन में प्राथमिकता देने की घोषणाओं का उद्योग जगत ने स्वागत किया है।

 

एक लीडिंग डेली की रिपोर्ट के अनुसार उद्योग संगठन CII ने कहा कि हेल्थ सेक्टर के लिए 31 मार्च, 2022 तक 50,000 करोड़ रुपए की फंडिंग को मंजूरी देना शानदार निर्णय है। CII ने आगे कहा कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़े क्षेत्र में भारी मांग और आपूर्ति संबंधी बाधाओं और फंड की कमी के चलते दबाव में हैं। CII के अध्यक्ष उदय कोटक ने कहा कि RBI के निर्णय से जीवन और आजीविका दोनों की सुरक्षा को प्राथमिकता मिली है।

भारतीय निर्यात संगठन महासंघ ( FIEO) ने भी कहा कि इस निर्णय से हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के बुनियादी ढांचे का विस्तार करने में सहायता मिलेगी। ऐपेरल एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिल (AEPC) के चैयरमैन ए सक्थीवेल ने भी इसे RBI द्वारा इसे सही समय पर उठाया गया कदम बताया है।

 

बताते चले कि बता दें कि RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ऐलान किया है कि रेपो रेट पर 50,000 करोड़ रुपये के ऑन-टैप लिक्विडिटी का विंडो 31 मार्च, 2020 तक खुला रहेगा। साथ ही कोरोना वायरस महामारी से त्रस्त व्यक्तियों तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) से वसूल नहीं हो पा रहे कर्जों के पुनर्गठन की छूट देने का ऐलान किया है। RBI गवर्नर ने यह भी कहा कि रिजर्व बैंक करना से जुड़ी उभरती परिस्थितियों पर अपनी नजर बनाए रखेगा।

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